ऐ दोस्त तू घर से न निकल

दोस्तों , इस दुनिया के अन्य ढेरो देशों कि तरह हमारे देश में भी इस कोरोना वाइरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा।
शायद आप को न पता हो तो हम बता दे कोई भी देश अभी तक इस वायरस का वैक्सीन नहीं बना पायी है , इस वायरस के चपेट में आने से बचने का एक ही उपाय है कि कोई घर से न निकले , किसी से बहार से आये हुए व्यक्ति के संपर्क में न आयें।
जिसके लिए हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पुरे भारत देश में सम्पूर्ण लॉक-डाउन कर दिया है , और सबसे अपने अपने घर के अंदर रहने की विनती की है।
माननीय प्रधानमंत्री जी के इसी अपील को एक कवियत्री कविता जयसवाल जी ने एक बहुत ही सुन्दर कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया है।

दोस्तों, कविता जी ने इस कविता को इतने सुन्दर ढंग से लिखा है कि अगर आप हर पैराग्राफ के पहले अक्षर को मिलाएंगे तो यह ‘कोरोना वायरस’ बनेगा।

कोई घर से ना निकले
कोई घर से ना निकले

कविता जी कहती हैं….

कोई ऐसी गलती न कर, कि बढ़ जाये ये कहर
ऐ दोस्त तू घर से न निकल ।।

रो रहा मुल्क, देश पर है संकट पड़ा
चुटकुले मजाक कर लेना आने वाले कल
ऐ दोस्त तू घर से न निकल ।।

ना सोच तू अपना ,
देश के हर कोने को अपना समझ
ऐ दोस्त तू घर से न निकल ।।

वातावरण को स्वच्छ बना, देश तेरे साथ है ,
साथ परिवार के तू बिता ले अच्छे पल
ऐ दोस्त तू घर से न निकल ।।

ह जान ले की गाँव बचाना है अगर ,
तो शहर से तू गाँव को न चल
ऐ दोस्त तू घर से न निकल ।।

ख के धैर्य अपने मन में , सरकार की बात मान
जहा पे है तू अभी वहीं पे ठहर
ऐ दोस्त तू घर से न निकल ।।

ब ठीक हो जायेगा , ये देश फिर से लहराएगा ,
कोरोना को हराना है तो ठान ले इस पल
पर ऐ मेरे दोस्त तू घर से न निकल ।।

– कविता जायसवाल

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