18 cases registered, life changed after spending nine years in jail, today successful actor and entrepreneur, 40 former prisoners given jobs | 18 मामले दर्ज हुए, नौ साल जेल में काटकर जीवन बदला, आज सफल अभिनेता और आंत्रप्रेन्योर, 40 पूर्व कैदियों को दी नौकरी

  • निगेल अक्कार के अपराधी से अभिनेता, आंत्रप्रेन्योर व सोशल एक्टिविस्ट बनने की कहानी
  • इन दिनों वे ऑटिज्म पीड़ित बच्चों के लिए अभिनय वर्कशॉप को लेकर चर्चा में

Dainik Bhaskar

Feb 24, 2020, 04:23 AM IST

कोलकाता ( मनीषा भल्ला ) . बंगाली फिल्माें के एक्टर निगेल अक्कार का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। इन दिनों वे ऑटिज्म पीड़ित बच्चों के लिए अभिनय वर्कशॉप को लेकर चर्चा में हैं। अगले महीने वे इन बच्चों के साथ स्टेज शो करने वाले हैं। दरअसल 15 से अधिक फिल्मों मेंे अभिनय और कोलकाता फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी में अपनी व्यावसायिक कुशलता दिखा चुके 41 साल के निगेल नौ साल जेल में काट चुके हैं और अब वंचितों और पीड़ितों का जीवन बदलने के काम में लगे हैं। उन्होंने थियेटर थैरेपी को समाज के लिए कुछ करने का जरिया बना लिया है। इतना ही नहीं अपनी कंपनी में उन्होंने 40 पूर्व कैदियों को नौकरी दी है। कभी अपराधी रहे ये लोग अब सम्मान का जीवन जी रहे हैं। निगेल की कंपनी में कुल 70 कर्मचारी हैं।   

दरअसल निगेल जब 3 साल के थे तब उनके पिता की मौत हो गई थी। इसलिए मां ने नौकरी  करके उनकी परवरिश की। निगेल बताते हैं, स्कूल के दिनों में मैं ऐसी संगत में पड़ गया कि अपराध करने लगा। मुझ पर फिरौती और किडनैपिंग जैसे 18 मामले दर्ज हुए। 20 साल की उम्र में मुझे नौ साल की जेल हो गई। तब मैं कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज में ग्रेजुएशन फाइनल ईयर में था। जेल में ही मैंने मानवाधिकार में पीजी और कंप्यूटर डिप्लोमा किया। आईजी बीडी शर्मा ने जेल में कैदियों के लिए थियेटर, म्यूजिक और ड्राॅइंग थैरेपी शुरू की थी। उन्होंने ही मुझे राह दिखाई। मैंने डांस में एडमिशन ले लिया। जब मैंने पहली बार स्टेज देखा तो लगा कि मेरा जीवन तो स्टेज के लिए ही होना चाहिए।

लेकिन जब मैं जेल से छूटा तो जिंदगी फिर मुश्किल लगने लगी। कहीं नौकरी नहीं मिल रही थी। बहुत धक्के खाने के बाद अपनी कंपनी खोली। मैं साफ-सफाई के लिए कर्मचारी मुहैया कराने लगा। पहला काम भी बीडी शर्मा के घर की सफाई का ही मिला था। निगेल का कहना है कि समाज कैदियों को स्वीकार नहीं कर पाता। मैं खुशकिस्मत हूं कि लोगों ने मुझ पर यकीन किया। मुझे थियेटर और फिल्मों में काम दिया। पांच साल पहले मेरी शादी हुई। मेरी लव मैरिज है। पत्नी डॉ. मोमिता डेंटिस्ट और लेखिका हैं। 2019 में उन्हें कोलकाता का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।

50 हजार से शुरू की कंपनी 10 करोड़ की बनी

सोशल आंत्रप्रेन्योरशिप को लेकर आईआईएम कोलकाता ने निगेल की कंपनी पर स्टडी की है। 50 हजार रु. से शुरू कंपनी आज 10 कराेड़ रुपए की हो गई है। 2012 में उनके जीवन पर फिल्म “मुक्तधारा’ बनी थी। कई संस्थाओं के साथ मिलकर वे जेल में कैदियों के लिए मोटिवेशनल प्रोग्राम भी चला रहे हैं। 
 


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