Amit Shah Eastern Zonal Council Meeting In Bhubaneswar Live Updates – भुवनेश्वर: पूर्वी क्षेत्र परिषद की बैठक में शामिल हुए अमित शाह, ममता, नीतीश और पटनायक

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आज पूर्वी क्षेत्र परिषद की 24वीं बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता गृहमंत्री अमित शाह ने की। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक शामिल हुए। बता दें कि पूर्वी जोनल काउंसिल के  बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सदस्य हैं।

बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली हिंसा का मुद्दा उठाया। ममता ने दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने बैठक में कहा, ‘दिल्ली में जो हुआ उससे मैं बेहद दुखी हूं। एक पुलिस कांस्टेबल और एक आईबी कर्मचारी भी मारे गए। दिल्ली में शांति अवश्य ही बहाल होनी चाहिए।’

इस दौरान सीएम पटनायक ने गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के लिए दोपहर का भोज भी रखा।  
 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के दौरान बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का मुद्दा भी उठाया।

नहीं पहुंचे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में भाग नहीं लिया। बैठक में भाग लेने में असमर्थ सोरेन ने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए वित्त मंत्री रामेश्वर ओरांव को नियुक्त किया। सूत्रों के अनुसार सोरेन की बैठक में अनुपस्थिति का कोई कारण नहीं बताया गया है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि शायद झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के कारण वह नहीं आए।

बता दें कि सभी जोनल काउंसिल के अध्यक्ष केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हैं। वहीं पूर्वी जोनल काउंसिल के उपाध्यक्ष ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक हैं। इसमें राज्यों और केन्द्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 

क्या होती है जोनल काउंसिल

कई राज्यों के बीच और केंद्र एवं राज्यों के बीच मिलकर काम करने की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से राज्य पुनर्गठन कानून 1956 के अंतर्गत जोनल काउंसिलों का गठन किया गया था।

जोनल काउंसिलों को यह अधिकार दिया गया है कि वे आर्थिक और सामाजिक योजना के क्षेत्र में आपसी हित से जुड़े किसी भी मसले पर विचार-विमर्श करें और अपनी सिफारिशें केंद्र को दें।

ये जोनल काउंसिल आर्थिक और सामाजिक आयोजना, भाषायी अल्पसंख्यकों, अंतर राज्यीय परिवहन जैसे साझा हित के मुद्दों के बारे में केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह दे सकती है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के भाग-3 के तहत पांच जोनल काउंसिल स्थापित की गई हैं।
 




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