Bollywood News In Hindi : maddam sir actress Sonali Naik said Learning something new and working with creativity keeps an artist alive | कुछ नया सीखना और क्रिएटिविटी के साथ काम करना एक कलाकार को जीवंत बनाये रखता है- सोनाली नाइक

Dainik Bhaskar

Feb 21, 2020, 07:30 AM IST

टीवी डेस्क. पॉपुलर मराठी एक्ट्रेस सोनाली नाइक जल्द ही कॉमेडी सीरियल ‘मैडम सर’ में नजर आने वाली हैं। सोनाली की मानें तो उम्र के इस पड़ाव में नायिका की भूमिका मिलना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान, सोनाली ने शो से जुडी कुछ बातें शेयर कीं।  

जब रोल ऑफर हुआ तो क्या रिएक्शन था?
इससे पहले मैंने कुछ कॉमिक-नेगेटिव किरदार निभाएं हैं, लेकिन मुझे नहीं पता था कि मैं हल्के-फुलके कॉमेडी जोनर की भी भूमिका निभा सकती हूं। इसके लिए प्रोडक्शयन टीम ने मुझ पर भरोसा किया। जब मुझसे पुष्पा की भूमिका के लिए कांटेक्ट किया गया तो मैं इससे काफी इम्प्रेस हुई। ये शो बहुत ही इंटरेस्टिंग है। आज के समय में उम्र के इस पड़ाव पर आकर एक नायिका की भूमिका मिलना थोड़ा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि नायिका से उम्मीदें काफी ज्यादा होती हैं। महिलाओं के इस ग्रुप से मैं वाकई बहुत खुश हूं और मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे अपने कॅरियर में नए रोल निभाने का मौका मिल रहा है।

पुष्पा के किरदार के बारे में बताएं
पुष्पा हेड कॉन्सटेबल है और अमीनाबाद महिला पुलिस थाना में काउंसिलिंग हेड है। थाने की सबसे वरिष्ठ सदस्य और काफी समझदार और अच्छा किरदार है, जिसका स्वभाव शांत है। पुष्पा रिटायरमेंट से पहले कुछ बड़ा करके जाना चाहती है। क्योंकि उसने अपनी पूरी जिंदगी पुलिस स्टेशन में बिताई है। खुद ही बेटे की देखभाल, घर के काम और पुलिस स्टेशन को संभाला है। पुष्पा को बस इसी बात से राहत मिलेगी कि उसे एक योग्य बहू मिल जाए, जो कि सारी जिम्मेदारियां संभाल ले। लेकिन चीजें उस समय बदल जाती हैं जब उसका बेटा एक दबंग पुलिस ऑफिसर, करिश्मा से शादी कर लेता है।

क्या आप पुष्पा के किरदार से खुद को जोड़ पाती हैं?
मुझे ऐसा लगता है कि हममें काफी सारी समानताएं हैं। पुष्पा जिस तरह बच्चों से प्यार करती है, मैं भी बच्चों से वैसा ही प्यार करती हूं। पुष्पा पुलिस स्टेशन में सबसे ज्यादा ख्याल रखने वाली और प्यार करने वाली इंसान है। हम दोनों में एक जैसी ही ममता है और सुरक्षा को लेकर वैसा ही सहज भाव है। इसकी वजह से ही मुझे पुष्पा की भूमिका निभाने में काफी मजा आ रहा है।

इस भूमिका की तैयारी किस तरह कर रही हैं?
मैं महाराष्ट्रियन हूं और पहले मैंने ज्यादातर महाराष्ट्रियन भूमिकाएं ही निभायी हैं। इस शो के लिए लखनवी लहजे को अपनाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा है। उसे सही तरीके से निभाना, रातों-रात संभव नहीं। इसके लिए मैंने काफी मेहनत की है और इस लगन ने मुझे युवा होने का अहसास कराया। कुछ नया सीखना और क्रिएटिविटी के साथ काम करना एक कलाकार को जीवंत बनाए रखता है। लखनवी भाषा की वर्कशॉप अभी भी चल रही है, एक रिटायर्ड महिला पुलिस अधिकारी भी हमें गाइड करने के लिये आईं थीं कि किस तरह पुलिस ऑफिसर को छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता है। उन्होंने हम सबको सैल्यूट करना और  तौर-तरीके सिखाए। हमारी यह सफर अभी भी जारी है जो पूरी तरह रोमांच से भरा हुआ है।

महिला पुलिस थाने के बारे में आपकी क्या राय है ?
मुझे लगता है कि यह सरकार का बहुत ही समझदार कदम है। इस शो में काम करने के दौरान मुझे पता चला कि भारत में महिलाओं के लिये लगभग एक हजार पुलिस स्टेशन हैं। इससे महिलाओं को अपनी बात रखने की हिम्मत मिलती है और जब भी जरूरत हो वह बेझिझक अपनी शिकायत लिखावा सकती हैं। इस पहल ने कई सारी महिलाओं को महिला पुलिस थाने आने और अपनी शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत दी, इस दौरान उनकी समस्या को पुलिस अधिकारी द्वारा समझा जाता है और उन्हें सहज बनाये रखने की कोशिश की जाती है।

लखनऊ में शूटिंग का अनुभव कैसा था?
लखनऊ में शूटिंग का अनुभव काफी अच्छा, यादों से भरा था। भयानक ठंड में हम सुबह 4 बजे जाग जाते थे। अब कुछ अनुभव ऐसे हैं जिन्हें हम कभी नहीं भूल पायेंगे। हमने कई खूबसूरत जगहों पर शूटिंग की। कई बार पुलिस के सुरक्षा घेरे में भी। लखनऊ में लोग काफी मिलनसार हैं और हमारा दिल खोलकर स्वागत किया गया। जब लोग आपके लिए तालियां बजा रहे हों तो उनके बीच में शूटिंग करने का अनुभव बहुत ही अच्छा होता  है।
 




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