Bollywood News In Hindi : The Kapil Sharma Show: Dia Mirza Says she left home at the age of 5 because her father shouted at her | 5 साल की उम्र में घर से भाग गई थीं दीया मिर्जा, पिता के चिल्लाने पर हो गई थीं नाराज

Dainik Bhaskar

Feb 27, 2020, 07:15 AM IST

टीवी डेस्क (किरण जैन).  दीया मिर्ज़ा हाल ही में ‘द कपिल शर्मा शो’ में अपनी फिल्म ‘थप्पड़’ को प्रमोट करने पहुंची थी। इस प्रमोशनल टूर में फिल्म से जुड़े दूसरे एक्टर्स तापसी पन्नू, पवैल गुलाटी और डायरेक्टर अनुभव सिन्हा भी शामिल थे। शो के दैरान होस्ट कपिल शर्मा से बातचीत में दीया ने खुलासा किया कि वे जब 5 साल की थी, तब पिता की डांट के बाद घर से भाग गई थीं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि 21 साल की उम्र में उन्हें उनकी मां से पहला थप्पड़ पड़ा था।

पैरेंट्स के साथ बचपन में दीया मिर्जा।

‘रिश्तेदार के घर से वापस लाए थे पापा’
शो से जुड़े करीबी बताते हैं, “बातों-बातों में कपिल ने फिल्म की स्टारकास्ट से पूछा कि उन्हें उनकी रियल लाइफ में पहला थप्पड़ कब पड़ा था? इस पर दीया ने बताया कि वे जब 5 साल की थीं, तब उनके पापा ने किसी वजह से उन पर चिल्ला दिया था। तब उन्हें इतना गुस्सा आया कि वे घर छोड़ कर चली गई थीं। वे पूरा दिन अपने रिश्तेदारों के यहां भटकती रहीं। आखिरकर शाम को पापा उन्हें किसी रिश्तेदार के घर से वापस लेकर आए और उस दिन उन्होंने तय कर लिया कि वे उन पर कभी नहीं चिल्लाएंगे। 

मां के साथ दीया मिर्जा।

दीया ने अपनी जिंदगी के पहले ‘थप्पड़’ को याद करते हुए कहा, “जब मैं 21 साल की थी, तब मां ने किसी निजी वजह से पहला थप्पड़ मारा था। मुझे आज भी वह दिन याद हैं। उस दिन मैं बहुत रोई थी।”

लखनऊ जू में दीया मिर्जा नाम की मादा तेंदुआ
दीया एक्ट्रेस होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वे सोशल कॉज को प्रमोट करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम करती हैं, जिसमें समुद्र की सफाई, वन्य जीव संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे शामिल हैं। कपिल के शो में उन्होंने बताया कि लखनऊ के चिड़ियाघर में एक मादा तेंदुआ का नाम दीया मिर्जा है, जिसके दो शावकों का नाम एक्ट्रेस ने खुद रखा है। 

बकौल दीया, “मिर्जापुर से यह मादा तेंदुआ लाई गई थी, जिसका नाम दीया मिर्जा रखा गया। जब इसके दो शावकों का जन्म हुआ तो चिड़ियाघर के अधिकारियों ने मुझे बुलाया और बताया कि उनके वहां मेरे नाम की मादा तेंदुआ है। यह सुनने के बाद मुझे आश्चर्य हुआ। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं इस मादा तेंदुआ के शावकों को कुछ नाम देना चाहूंगी तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने शावकों को अशोका और नक्षत्र नाम दिया। तभी से दोनों उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का जिम्मा मैंने ही संभाला हुआ है।”


Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *