Cut, Copy, And Paste’ Inventor Lawrence Tesler Dies At 74 – दुनिया को ‘cut, Copy, Paste’ देने वाले लैरी टेस्लर ने दुनिया को कहा अलविदा

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कट, कॉपी और पेस्ट, इसके बारे में शायद ही कोई होगा जो नहीं जानता होगा। एक तरह देखा जाए तो यह एक जुगाड़ तकनीक है। कट, कॉपी और पेस्ट तो सभी की जुबान पर है लेकिन यदि आपसे पूछा जाए इस जुगाड़ को दुनिया को किसने दिया तो आप शायद उसका नाम नहीं बता पाएंगे। 

दुनिया को कट, कॉपी और पेस्ट का गुर सिखाने वाले लैरी टेस्लर ने 74 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। लैरी टेस्लर एक कंप्यूटर वैज्ञानिक थे। लैरी ने अपनी जिंदगी का एक लंबा हिस्सा Xerox को दिया है। लैरी के निधन की जानकारी भी Xerox ने ही ट्वीट करके दी है।

लैरी ने स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से ह्युमन कंप्यूटर इंटरेक्शन में ग्रेजुशन किया था। उन्होंने Xerox के अलाावा एपल, अमेजन, और याहू जैसी कंपनियों में अपनी सेवाएं दी। कहा जाता है कि कट और पेस्ट कमांड पुराने जमाने के एक जुगाड़ से प्रेरित था जिसमें प्रिंट हुए कागज के एक हिस्से को काटकर दूसरी जगह पर चिपकाया जाता था।

लैरी का कट, कॉपी और पेस्ट कमांड 1983 में लोकप्रिय हुआ जब एपल ने लिसा कंप्यूटर में अपना एक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया था जिसे बाद में मैकिंटोस के नाम से पेश किया गया। लैरी ने एपल में करीब 17 साल तक अपनी सेवाएं दी है।

कट, कॉपी और पेस्ट, इसके बारे में शायद ही कोई होगा जो नहीं जानता होगा। एक तरह देखा जाए तो यह एक जुगाड़ तकनीक है। कट, कॉपी और पेस्ट तो सभी की जुबान पर है लेकिन यदि आपसे पूछा जाए इस जुगाड़ को दुनिया को किसने दिया तो आप शायद उसका नाम नहीं बता पाएंगे। 

दुनिया को कट, कॉपी और पेस्ट का गुर सिखाने वाले लैरी टेस्लर ने 74 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। लैरी टेस्लर एक कंप्यूटर वैज्ञानिक थे। लैरी ने अपनी जिंदगी का एक लंबा हिस्सा Xerox को दिया है। लैरी के निधन की जानकारी भी Xerox ने ही ट्वीट करके दी है।

लैरी ने स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी से ह्युमन कंप्यूटर इंटरेक्शन में ग्रेजुशन किया था। उन्होंने Xerox के अलाावा एपल, अमेजन, और याहू जैसी कंपनियों में अपनी सेवाएं दी। कहा जाता है कि कट और पेस्ट कमांड पुराने जमाने के एक जुगाड़ से प्रेरित था जिसमें प्रिंट हुए कागज के एक हिस्से को काटकर दूसरी जगह पर चिपकाया जाता था।

लैरी का कट, कॉपी और पेस्ट कमांड 1983 में लोकप्रिय हुआ जब एपल ने लिसा कंप्यूटर में अपना एक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया था जिसे बाद में मैकिंटोस के नाम से पेश किया गया। लैरी ने एपल में करीब 17 साल तक अपनी सेवाएं दी है।




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