Donald Trump India Visit : Us President Trampled With Pain, Prime Minister Modi Told Him Limits – अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दुखती रग भी कुरेदी, प्रधानमंत्री मोदी ने बताई लक्ष्मण रेखा

नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप
– फोटो : PMO India

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने अपनी दो दिवसीय यात्रा को बेहद सफल बताया है। स्वागत और कूटनीति दोनों के स्तर पर। खुद अपने मुंह से कहा कि इतनी आवभगत किसी और की नहीं हुई होगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का दिल से आभार व्यक्त किया, लेकिन दुखती रग पर भी हाथ रखा। प्रधानमंत्री से बातचीत में सीएए, धार्मिक स्वतंत्रता, दिल्ली के हालात पर भी पूछा। प्रधानमंत्री ने कुछ का संतोषजनक जवाब दिया और कुछ मामले में लक्ष्मण रेखा दिखाकर टाल गए।

राष्ट्रपति ट्रंप से जब हेट क्राइम, मुसलमानों के साथ भेदभाव पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा यह मुद्दा प्रधानमंत्री मोदी के साथ चर्चा में उठा था। उन्होंने बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह मुसलमानों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रपति ने कहा मोदी ने संतोषजनक जवाब दिया है। भारत में मुस्लिम तेजी से बढ़े हैं। पहले इनकी संख्या 14 करोड़ थी और 20 करोड़ के करीब है।

बात सीएए और दिल्ली में हिंसा जैसी स्थिति पर भी हुई। एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सीएए पर कोई बात नहीं करना चाहते थे। प्रधानमंत्री ने सीएए को भारत का आंतरिक मामला बताया। दिल्ली में स्थिति पर प्रधानमंत्री ने बताया कि वह लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के पक्षधर हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

कारोबारी डील में टैरिफ ट्रंप की दुखती रग

सवाल पर उन्होंने फिर हार्ले डेविडसन मोटर साइकिल का उदाहरण दिया। कहा भारत इस पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है। अपनी मोटर साइकिल हमारे यहां बिना टैरिफ के भेजता है। उन्होंने टैरिफ पर सवाल उठाते हुए कहा यह ठीक नहीं है। समझा जा रहा है कि इसको लेकर दोनों देशों में अभी भी गतिरोध बरकरार है।

भारत नहीं सुन सका अच्छी खबर

राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे में एक उम्मीद एच1बी वीजा पर अच्छी खबर सुनने की थी, लेकिन हार्ड बार्गेनर ट्रंप ने इसका अवसर नहीं दिया। सवाल पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। टाल गए। कारोबार पर भी गतिरोध बने रहने या बिग टिकट न हो पाने ही ध्वनि सुनाई पड़ रही है। भारत में आकर भारतीय डायस से उन्होंने पाकिस्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान को भी अमेरिका का अच्छा दोस्त बताया।

इस्लामिक आतंकवाद पर थपथपाई अपनी पीठ

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के विरुद्ध अमेरिका के कदम की प्रतिबद्धता दोहराई। पाकिस्तान से घुसपैठ के जरिए होने वाले आतंकवाद पर सहयोग, पाकिस्तान पर दबाव बनाने का वादा किया। इसी के साथ इस्लामिक आतंकवाद पर खुद अमेरिका की पीठ थपथपाई। राष्ट्रपति ने कहा कि इस्लामिक आतंकवाद पर सबसे अधिक काम अमेरिका ने किया है। अमेरिका ने आईएसआईएस खो खत्म किया। आतंकी सरगना बगदादी को मार गिराया। हजारों आतंकियों को गिरफ्तार किया।

भारत बढ़ेगा

राष्ट्रपति ट्रंप भारतीय कंपनियों के अमेरिका में निवेश से खुश हैं। एक दिग्गज कारोबारी ने बताया कि भेंट के दौरान इसकी झलक साफ दिखाई दी। राष्ट्रपति ने अपनी प्रेसवार्ता में भी भारत के अगले 50-100 साल में उभरने, विश्व पटल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद जताई। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास समृद्ध विरासत है,अच्छी होती शिक्षा है। उन्होंने भारत के पास सबसे बड़ी आबादी है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को बेहतर बताते हुए कहा कि भारत का भविष्य उज्जवल है।

सार

राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने अपनी दो दिवसीय यात्रा को बेहद सफल बताया है। स्वागत और कूटनीति दोनों के स्तर पर। खुद अपने मुंह से कहा कि इतनी आवभगत किसी और की नहीं हुई होगी।

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने अपनी दो दिवसीय यात्रा को बेहद सफल बताया है। स्वागत और कूटनीति दोनों के स्तर पर। खुद अपने मुंह से कहा कि इतनी आवभगत किसी और की नहीं हुई होगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का दिल से आभार व्यक्त किया, लेकिन दुखती रग पर भी हाथ रखा। प्रधानमंत्री से बातचीत में सीएए, धार्मिक स्वतंत्रता, दिल्ली के हालात पर भी पूछा। प्रधानमंत्री ने कुछ का संतोषजनक जवाब दिया और कुछ मामले में लक्ष्मण रेखा दिखाकर टाल गए।

राष्ट्रपति ट्रंप से जब हेट क्राइम, मुसलमानों के साथ भेदभाव पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा यह मुद्दा प्रधानमंत्री मोदी के साथ चर्चा में उठा था। उन्होंने बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह मुसलमानों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रपति ने कहा मोदी ने संतोषजनक जवाब दिया है। भारत में मुस्लिम तेजी से बढ़े हैं। पहले इनकी संख्या 14 करोड़ थी और 20 करोड़ के करीब है।

बात सीएए और दिल्ली में हिंसा जैसी स्थिति पर भी हुई। एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सीएए पर कोई बात नहीं करना चाहते थे। प्रधानमंत्री ने सीएए को भारत का आंतरिक मामला बताया। दिल्ली में स्थिति पर प्रधानमंत्री ने बताया कि वह लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के पक्षधर हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

कारोबारी डील में टैरिफ ट्रंप की दुखती रग

सवाल पर उन्होंने फिर हार्ले डेविडसन मोटर साइकिल का उदाहरण दिया। कहा भारत इस पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है। अपनी मोटर साइकिल हमारे यहां बिना टैरिफ के भेजता है। उन्होंने टैरिफ पर सवाल उठाते हुए कहा यह ठीक नहीं है। समझा जा रहा है कि इसको लेकर दोनों देशों में अभी भी गतिरोध बरकरार है।

भारत नहीं सुन सका अच्छी खबर

राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे में एक उम्मीद एच1बी वीजा पर अच्छी खबर सुनने की थी, लेकिन हार्ड बार्गेनर ट्रंप ने इसका अवसर नहीं दिया। सवाल पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। टाल गए। कारोबार पर भी गतिरोध बने रहने या बिग टिकट न हो पाने ही ध्वनि सुनाई पड़ रही है। भारत में आकर भारतीय डायस से उन्होंने पाकिस्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान को भी अमेरिका का अच्छा दोस्त बताया।

इस्लामिक आतंकवाद पर थपथपाई अपनी पीठ

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के विरुद्ध अमेरिका के कदम की प्रतिबद्धता दोहराई। पाकिस्तान से घुसपैठ के जरिए होने वाले आतंकवाद पर सहयोग, पाकिस्तान पर दबाव बनाने का वादा किया। इसी के साथ इस्लामिक आतंकवाद पर खुद अमेरिका की पीठ थपथपाई। राष्ट्रपति ने कहा कि इस्लामिक आतंकवाद पर सबसे अधिक काम अमेरिका ने किया है। अमेरिका ने आईएसआईएस खो खत्म किया। आतंकी सरगना बगदादी को मार गिराया। हजारों आतंकियों को गिरफ्तार किया।

भारत बढ़ेगा

राष्ट्रपति ट्रंप भारतीय कंपनियों के अमेरिका में निवेश से खुश हैं। एक दिग्गज कारोबारी ने बताया कि भेंट के दौरान इसकी झलक साफ दिखाई दी। राष्ट्रपति ने अपनी प्रेसवार्ता में भी भारत के अगले 50-100 साल में उभरने, विश्व पटल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद जताई। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास समृद्ध विरासत है,अच्छी होती शिक्षा है। उन्होंने भारत के पास सबसे बड़ी आबादी है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को बेहतर बताते हुए कहा कि भारत का भविष्य उज्जवल है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने अपनी दो दिवसीय यात्रा को बेहद सफल बताया है। स्वागत और कूटनीति दोनों के स्तर पर। खुद अपने मुंह से कहा कि इतनी आवभगत किसी और की नहीं हुई होगी।




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