Group chats on your WhatsApp are not secure, you can read unknown messages, links of millions of groups exist on the Internet | आपके वॉट्सऐप की ग्रुप चैट्स सुरक्षित नहीं, अनजान भी मैसेज पढ़ सकते हैं, लाखों ग्रुप्स की लिंक इंटरनेट पर मौजूद

Dainik Bhaskar

Feb 23, 2020, 11:11 AM IST

गैजेट डेस्क. दुनिया के 200 करोड़ और भारत के 40 करोड़ लोग अपने मोबाइल पर वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं और हर यूजर कई ग्रुप से जुड़ा होता है। यदि आप भी उन लोगों में से हैं, जो ऐसे ग्रुप्स पर निजी जानकारी शेयर करते हैं तो सतर्क हो जाएं। आपके ग्रुप्स के मैसेज अनजान व्यक्ति आसानी से पढ़ सकते हैं। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आपका नाम और फोन नंबर भी अनजान हाथों में पड़ सकता है।

दरअसल, वेबसाइट मदरबोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, लाखों वॉट्सऐप ग्रुप की लिंक गूगल पर उपलब्ध है। मदरबोर्ड की टीम ने संयुक्त राष्ट्र से अधिमान्य एक एनजीओ के वॉट्सऐप ग्रुप का पता लगाया और वह जुड़ भी गई। सुरक्षा से जुड़ी वॉट्सऐप की इस खामी की जानकारी सबसे पहले जॉर्डन विल्डन नामक पत्रकार ने ट्विटर पर शेयर की। उन्होंने पता लगाया कि वॉट्सऐप के ‘Invite to Group Link’ फीचर को गूगल पर सर्च किया जा सकता है। ऐप रिवर्स इंजीनियर जेन वॉन्ग के मुताबिक, ‘chat.whatsapp.com’ सर्च करने पर गूगल 4,70,000 रिजल्ट दिखाता है।

इसलिए हो रहा
एडमिन लोगों को ग्रुप में शामिल करने के लिए ‘Invite to Group via Link’ फीचर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वे इसे सोशल मीडिया या किसी वेबसाइट पर शेयर कर देते हैं। ऐसे में गूगल जैसे सर्च इंजन इसे खोज लेते हैं।

वॉट्सऐप ने दी सफाई
प्रवक्ता एलिसन बॉनी ने कहा कि ‘किसी कंटेंट की तरह इन्वाइट लिंक भी पब्लिक चैनल पर शेयर की जाए तो कोई भी इस तक पहुंच सकता है।’ वहीं गूगल के लाइजन अफसर डैनी सुलिवान ने ट्वीट किया,‘गूगल और अन्य सर्च इंजन ओपन वेब में उपलब्ध रिजल्ट दिखाते हैं।’ हालांकि मामला उजागर होने के बाद गूगल ने इंडेक्सिंग बंद कर दी। हालांकि अन्य सर्च इंजन पर यह उपलब्ध है।

वॉट्सऐप पर प्राइवेसी का खतरा बरकरार है

  • मई 2019 में इजराइली साॉफ्टवेयर पेगासस नामक स्पाइवेयर टूल से वॉट्सऐप को हैक करने की खबरें आईं। इनके जरिए यूजर का क्लाउड आधारित अकाउंट एक्सेस किया जा सकता था।
  • नवंबर 2019 में भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने वॉट्सऐप यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की थी कि एमपी4 फाइल के साथ वायरस फैल रहा है। इससे यूजर्स की निजी जानकारियां चोरी होने का खतरा है। इसलिए इस फाइल को डाउनलोड न करें।

एडमिन ऑनलाइन लिंक शेयर न करें : एक्सपर्ट
एक्सपर्ट्स की मानें तो एडमिन खुद ही ग्रुप इनवाइट्स को ऑनलाइन शेयर कर रहे हैं। उन्हें लिंक सिर्फ उन्हीं लोगों से शेयर करनी चाहिए िजन्हें वे जानते हैं। किसी वेबसाइट पर शेयर नहीं करना चाहिए।


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