India ranked 131 out of 180 countries in children’s health and well-being, most countries not serious about children’s future | बच्चों के स्वास्थ्य और खुशहाली में भारत 180 देशों में 131वें स्थान पर, बच्चों के भविष्य को लेकर ज्यादातर देश गंभीर नहीं

  • संयुक्त राष्ट्र, यूनिसेफ और लैंसेट ने दुनिया के बच्चों का भविष्य नाम से जारी की रिपोर्ट
  • दुनिया भर के 40 शिशु और किशोर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार की रिपोर्ट

Dainik Bhaskar

Feb 21, 2020, 05:44 AM IST

वॉशिंगटन. बच्चों के पालन-पोषण, स्वास्थ्य एवं खुशहाली यानी फ्लोरिशिंग इंडेक्स में भारत दुनिया के 180 देशों में 131वें नंबर पर है। इसी तरह ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में भारत 77वें स्थान पर है। यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और मेडिकल जर्नल लैंसेट की बुधवार को जारी रिपोर्ट में हुआ है। इसे दुनिया भर के 40 से ज्यादा बाल एवं किशोर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के आयोग ने तैयार किया है। सस्टेनेबल इंडेक्स प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन से जुड़ा है, जबकि फ्लोरिशिंग इंडेक्स मां-बच्चे का स्वास्थ्य पालन-पोषण और उसके कल्याण से जुड़ा है। 

5 साल से कम उम्र के करीब 25 करोड़ बच्चों के विकास को का खतरा

रिपोर्ट के मुताबिक जलवायु परिवर्तन और फास्ट फूड, शुगर ड्रिंक, शराब और तम्बाकू को बढ़ावा देने वाली मार्केटिंग प्रथाओं की वजह से दुनिया के हर बच्चे और किशोर के स्वास्थ्य और भविष्य को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। ग्रोथ और गरीबी हटाने के दिखावटी उपायों की वजह से 5 साल से कम उम्र के करीब 25 करोड़ बच्चों के विकास को का खतरा है।

साइकिलें बांटने से 32% छात्राएं बढ़ीं: ट्रंप प्रशासन
भारत में राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक क्षेत्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है। वहीं राज्यों में लड़कियों को साइकिलें बांटने से स्कूलों में उनका पंजीकरण 32% बढ़ा है। यह खुलासा ट्रंप प्रशासन की हालिया रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं के मामलों से जुड़ी सभी कानूनी अड़चनें हटा दें तो दुनिया की जीडीपी 852 लाख करोड़ रु. और भारत की जीडीपी 10% बढ़ जाएगी।


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