Indian Army Chief Naravane | Army Chief General Manoj Mukund Naravane On SC Verdict On Permanent Commission For Women In Defence | जनरल नरवणे ने कहा- हमारे जवानों ने पाकिस्तानी बैट की गतिविधियों पर लगाम लगाई, उनके एक्शन से पहले ही उन्हें नाकाम किया

  • सेना प्रमुख ने कहा- चीन को भी महसूस हो चुका है कि वह हमेशा पाकिस्तान का समर्थन नहीं कर सकता
  • महिला अधिकारियों समेत सेना से जुड़े सभी लोगों को समान मौका मिलेगा: जनरल एमएम नरवणे

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2020, 10:06 PM IST

नई दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने गुरुवार को कहा कि सेना लगातार आतंकी समूहों पर दबाव बना रही है। एलओसी पर पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) टीम की सक्रियता के सवाल पर उन्होंने कहा- हमारे जवानों ने बैट की कार्रवाई से पहले ही उन्हें नाकाम किया है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में कमी आई हैं।

जनरल नरवणे ने माना कि अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक की वजह से भी आतंकी गतिविधियों में कमी आई है। ब्लैक लिस्ट होने के डर से पाकिस्तान ने सीमा पार से संचालित आतंक को कम किया है। चीन को भी महसूस हो चुका है कि वह हमेशा पाकिस्तान का समर्थन नहीं कर सकता। ऐसे में पाकिस्तान को आतंकवाद पर चलने की अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ेगा।

पाकिस्तान की बैट टीम में शामिल होते हैं आतंकी

पाकिस्तान की बैट टीम भारतीय सेना के जवानों का सिर काटने की घटना में शामिल रही है। इस टीम में पाकिस्तानी सेना के साथ जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी भी शामिल होते हैं। इस साल 11 जनवरी को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलीबारी के बाद बैट टीम भारतीय सेना के एक पोर्टर का सिर काटकर ले गई थी। इस घटना के बाद सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे से जब जवाबी कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने भारतीय सेना को पेशेवर बताते हुए इस कायराना हरकत का उचित जवाब देने की बात कही थी।

सेना लैंगिक समानता में चैंपियन: सेना प्रमुख

सेना प्रमुख ने महिलाओं के स्थाई कमीशन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा- हमारा पहला काम इस आदेश का पालन करना है। उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय सेना किसी भी सैनिक से धर्म, जाति, संप्रदाय और यहां तक कि लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करती। हमेशा से सेना का यही नजरिया रहा है। हमने 1993 में ही महिला अधिकारियों की भर्ती शुरू कर दी थी। सेना ने सभी रैंक पर महिलाओं को तैनात करने की पहल की है। 100 महिला सैनिकों का पहला जत्था कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस सेंटर में प्रशिक्षण ले रहा है। महिला अधिकारियों को चिट्‌ठी भेजकर पूछा जा रहा है कि वे स्थाई कमीशन लेंगी या नहीं।’’

‘1993 में ही महिला अधिकारियों की भर्ती शुरू हुई’

सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी को महिला अफसरों को आर्मी में स्थाई कमीशन देने का आदेश सुनाया था। अब कॉम्बैट रोल छोड़कर बाकी क्षेत्रों में महिला अफसरों को स्थाई कमीशन मिलेगा। थलसेना में महिलाओं को बराबरी का हक देने की कानूनी लड़ाई 17 साल चली। सेना प्रमुख ने कहा कि कोर्ट के आदेश से हमारे आगे बढ़ने का रास्ता साफ होगा। मैं महिला अधिकारियों समेत भारतीय सेना में शामिल सभी लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें देश सेवा और कैरियर में आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा।


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