JNU Students Union said- The university had given shelter to the riot victims in 1984 also, Delhi will still be open to the victims of violence | वीसी बोले- बाहरी लोगों से यूनिवर्सिटी परिसर में आने की अपील न करें; छात्रसंघ ने कहा- 1984 में भी दंगा पीड़ितों को शरण दी थी, अब भी देंगे

  • छात्रसंघ ने कहा- जेएनएयू हिंसा पीड़ितों के लिए सुरक्षित जगह, संस्थान-प्रशासन की धमकी से बढ़कर है मानवता
  • वीसी कुमार बोले थे- किसी बाहरी व्यक्ति के कैंपस में न होने के कारण फिलहाल यहां शांति है, इसे खराब न करें

Dainik Bhaskar

Feb 29, 2020, 09:26 PM IST

नई दिल्ली. जेएनयू प्रशासन की चेतावनी के बावजूद छात्रसंघ (जेएनएसयू) ने दिल्ली हिंसा पीड़ितों को संस्थान में शरण देने की घोषणा की है। शनिवार को छात्रसंघ ने ट्वीट किया कि यूनिवर्सिटी दिल्ली हिंसा के पीड़ितों के लिए खुली रहेगी। यूनिवर्सिटी ने 1984 के दंगा पीड़ितों को शरण दी थी। अब यह दिल्ली हिंसा के पीड़ितों के लिए भी खुली रहेगी। यह सरकारी दमन से प्रभावित लोगों की मदद करती रहेगी। शुक्रवार को जेनएयू प्रशासन ने छात्रों को ऐसा करने से मना किया था। 

यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, छात्रों से कहा गया था कि बाहरी लोगों को यूनिवर्सिटी परिसर में आकर रहने की अपील न करें। ऐसा करने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

हम हिंसा पीड़ितों की मदद के लिए तैयार: छात्रसंघ

छात्रसंघ ने कहा- जेनएयू प्रशासन ने हमें दिल्ली हिंसा में सबकुछ खोने वाले लोगों की मदद करने पर कार्रवाई की धमकी दी है। हम दोहराते हैं कि जेनएयू हिंसा पीड़ितों के लिए सुरक्षित जगह है। मानवता, संस्थान-प्रशासन की धमकी से बढ़कर है। हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए यूनिवर्सिटी के दरवाजे खुले रहेंगे। हम उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं।

हालात खराब होने के जिम्मेदार छात्र होंगे: वीसी

जेएनयू वीसी जगदीश कुमार ने कहा- लोगों को संस्थान में आकर रहने की अपील करने के बदले छात्र कैंपस से जरूरी सामान जुटाएं और उसे प्रभावित लोगों में बांटें, उनकी मदद करें। इसमें संस्थान भी पूरी मदद करेगा। फिलहाल किसी बाहरी व्यक्ति के कैंपस में न होने के कारण यहां माहौल शांतिपूर्ण है। इसे खराब न करें। उन्होंने कहा- लोगों को संस्थान में आकर रहने की अपील करने वाले छात्र वही हैं, जिन्होंने जनवरी में यहां पर बाहरी लोगों के कारण माहौल खराब होने का आरोप लगाया था। अब अगर ऐसा कुछ होता है तो इसके लिए छात्र जिम्मेदार होंगे।


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