Naqvi Says, Protesters In Shaheen Bagh Know Their Rights But Not Duties – शाहीनबाग पर बोले नकवी-प्रदर्शनकारियों को अपने अधिकारों का तो पता है लेकिन कर्तव्यों का नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 23 Feb 2020 12:33 AM IST

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
– फोटो : एनआई

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विज्ञान भवन में छात्र संसद के दौरान नकवी ने कहा, प्रदर्शनकारियों को अपने अधिकार तो पता हैं लेकिन कर्तव्यों को वे नहीं जानते।  मुझे नहीं लगता कि सड़क पर जाम लगाकर कोई अपने अधिकारों को हासिल कर सकता है। जब तक हम अपने कर्तव्याें और अधिकारों का नहीं समझेंगे भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा, यह दरअसल अधिकारों और कर्तव्यों के बीच का संघर्ष है।

शाहीनबाग में पिछले साल दिसंबर से महिलाओं और स्थानीय लोग सीएए के विरोध में बीच सड़क पर धरने पर बैठे हैं। इससे दक्षिण पूर्व दिल्ली से नोएडा जाने वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने शनिवार को शाहीन बाग में सड़क बंद करने को इस्लाम विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि लोगों का रास्ता रोक कर अत्याचार करना इस्लाम के खिलाफ है। और रसूल के भी। इस अपराध और पाप से बचना चाहिए। रास्ता रोकना प्रतीकात्मक है कि इस्लाम हिंसक है…दूसरों पर जुल्म का रास्ता है।  

इंद्रेश ने प्रदर्शनकारियों से निपटने में केंद्र सरकार के धैर्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार को देखिए, यह उसकी भलमनसाहत है कि दो महीनों के अवरोध के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की। शाहीन बाग को भी थोड़ी मानवीयता दिखानी चाहिए क्योंकि इस्लाम किसी को दुख देने की वकालत नहीं करता है।

उन्होंने कहा कि वह शाहीन बाग के सभी प्रदर्शनकारियों से कहना चाहते हैं कि वे नागरिकता संशोधन कानून के अमल पर राजी हों। वह जामिया, जेएनयू और अन्य जगहों पर गए। ये लोग एनआरसी को लेकर भयभीत हैं, ऐसे में इनसे वह कहना चाहते हैं कि वे सीएए का विरोध छोड़ें और एनआसी पर चर्चा करें।

संघ नेता ने कहा कि सभी को बोलने की आजादी है लेकिन दूसरों को कष्ट पहुंचाना गलत है। शाहीन बाग के लोगों को समझना चाहिए कि सीएए और एनआरसी दो अलग-अलग चीजें हैं। सीएए पीड़ित लोगों को सम्मानजनक जिंदगी गुजारने के लिए है। 

सार

  • नकवी ने कहा कि यह दरअसल अधिकारों और कर्तव्यों के बीच का संघर्ष है
  • आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा लोगों का रास्ता रोक कर अत्याचार करना इस्लाम के खिलाफ है
  • इंद्रेश ने प्रदर्शनकारियों से निपटने में केंद्र सरकार के धैर्य की भी सराहना की

विस्तार

विज्ञान भवन में छात्र संसद के दौरान नकवी ने कहा, प्रदर्शनकारियों को अपने अधिकार तो पता हैं लेकिन कर्तव्यों को वे नहीं जानते।  मुझे नहीं लगता कि सड़क पर जाम लगाकर कोई अपने अधिकारों को हासिल कर सकता है। जब तक हम अपने कर्तव्याें और अधिकारों का नहीं समझेंगे भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा, यह दरअसल अधिकारों और कर्तव्यों के बीच का संघर्ष है।

शाहीनबाग में पिछले साल दिसंबर से महिलाओं और स्थानीय लोग सीएए के विरोध में बीच सड़क पर धरने पर बैठे हैं। इससे दक्षिण पूर्व दिल्ली से नोएडा जाने वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।


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सड़क को बंद करना इस्लाम विरोधी, शाहीन बाग के लोग रास्ता खोलें: इंद्रेश




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