One person mislead Google using 99 smartphones, showed heavy jams on empty road | एक व्यक्ति ने 99 स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल कर गूगल मैप को भटकाया, खाली रास्ते पर भारी जाम दिखाया

  • जर्मनी के आर्टिस्ट सिमोन वेकर्ट ने बर्लिन की सड़कों पर यह प्रयोग किया, इसके लिए एक कार्ट में 99 स्मार्टफोन्स रखे
  • सभी मोबाइल के गूगल मैप ऑन किए फिर खाली सड़क पर निकल पड़ा, वह जहां से जा रहा था वहां ट्रैफिक जाम नजर आ रहा था

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2020, 07:35 PM IST

बर्लिन (जर्मनी). आमतौर पर गूगल मैप का इस्तेमाल हम शहर की व्यस्तम सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति पता करने के लिए करते हैं। इस पर विश्वास कर अपना प्लान भी बना लेते हैं, लेकिन क्या वाकई तकनीक फूलप्रूफ होती है। इसका जवाब शायद न है। जर्मनी के सिमोन वेकर्ट ने बर्लिन की सड़कों पर वर्चुअल ट्रैफिक जाम क्रिएट कर गूगल मैप को बेवकूफ बना दिया। सिमन ने यूट्यूब पर एक वीडियो डालकर बताया कि उसने कैसे गूगल मैप्स को ऐसा करने के लिए मजबूर किया। 

सिमोन ने इसके लिए 99 स्मार्टफोन्स की मदद ली। यानी बर्लिन की जिस सड़क पर वह चल रहा था, वहां ट्रैफिक नहीं था, वहां भी इस व्यक्ति ने रेड सिग्नल दिखा दिया। इसके लिए न तो उसने कोई सॉफ्टवेयर यूज किया और न ही ट्रैफिक या गूगल का कोई अकाउंट हैक किया। वीडियो के मुताबिक, उसने सभी फोन को एक कार्ट में रखा। उन सड़कों से गुजरने लगा जहां ट्रैफिक न के बराबर था। उसने इन सभी स्मार्टफोन्स में गूगल मैप को ऑन रखा और अलग-अलग रास्तों से गुजरने लगा। इस दौरान गूगल मैप पर ट्रैफिक की स्थिति बदलती गई और मैप ग्रीन से रेड होता गया।

गूगल भ्रमित कैसे हुआ? 
दरअसल, गूगल मैप किसी भी जगह के ट्रैफिक की स्थिति दिखाने के लिए उस इलाके में मौजूद स्मार्टफोन्स की लोकेशन का यूज करता है। साथ ही यह अन्य स्मार्टफोन के डेटा का भी उपयोग करता है। फिर रफ्तार, लोकेशन और अन्य क्राउडसोर्स डेटा का एनालिसिस कर गूगल इलाके या रोड का लाइव ट्रैफिक मैप जनरेट करता है। यही यूजर तक पहुंचता है और वहां के ट्रैफिक की स्थिति पता चलती है। जैसे सिमोन ने कार्ट को इन रास्तों से गुजारा गूगल ने इन सारे स्मार्टफोन की लोकेशन एक ही जगह पाई और मैप पर यह दिखाने लगा कि वहां ट्रैफिक ज्यादा है।

सिमोन वेकर्ट कार्ट में 99 फोन्स रखकर बर्लिन की सड़कों पर घूमे।

इंजीनियर ने बताया यह संभव है  
गूगल ने सिमोन के इस प्रयोग पर कोई आधिकारिक कमेंट्स तो नहीं किया, लेकिन गूगल मैप्स के सीनियर सॉफ्टरवेयर इंजीनियर ने ट्वीट कर बताया कि इस तरह के स्टंट कर इसे संभव बनाया जा सकता है। 




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