Pm Modi Advices Ram Mandir Trust Members To Maintain Peace – राम मंदिर निर्माण पर बोले नृत्यगोपाल, शिलान्यास 1992 में हो चुका, अब सीधे भूमि पूजन होगा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Feb 2020 12:21 AM IST

पीएम नरेंद्र मोदी से राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की मुलाकात

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राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास नहीं अब सीधे भूमि पूजन होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा है कि मंदिर का शिलान्यास 1992 में हो चुका है। ऐसे में बार-बार शिलान्यास नहीं हो सकता। इसलिए ट्रस्ट ने बृहस्पतिवार को पीएम नरेंद्र मोदी को शिलान्यास का न्योता दिया है।

पीएम से मुलाकात के एक दिन बाद शुक्रवार को महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा, ट्रस्ट अब भूमि पूजन की तिथि पर मंथन कर रहा है। इसके मुहूर्त पर पीएम से आने का अनुरोध किया गया है। पीएम ने इसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, हमने सरकार से जल्द से जल्द मंदिर निर्माण शुरू कर जन आकांक्षाओं को पूरा करने की मदद मांगी है। पीएम ने भी विशाल और भव्य मंदिर का निर्माण जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया। 

महंत नृत्यगोपाल दास के मुताबिक ट्रस्ट द्वारा शीघ्र मंदिर निर्माण शुरू करने की मांग पर पीएम ने कहा, भगवान श्रीराम टाट में हैं, इसलिए जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण शुरू होना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि भगवान राम जल्द भव्य मंदिर में विराजेंगे। पीएम ने ट्रस्ट से राम मंदिर निर्माण के दौरान देश में सौहार्द को कायम रखने की अपील करते हुए कहा, अयोध्या पर कोई ऐसी टिप्पणी से बचें जिससे देश का माहौल बिगड़ने का खतरा हो।

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण विहिप के तीन दशक पुराने मॉडल के अनुसार ही होगा लेकिन अब दो के बजाय तीन जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय, सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ अनिल मिश्र की भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के साथ हुई बैठक में शुक्रवार को विहिप के पुराने मॉडल में कुछ बदलावों को लेकर मंथन हुआ।

विहिप सूत्रों के मुताबिक बैठक में सदस्यों की राय थी कि मंदिर दो की जगह तीन मंजिल का बनाया जाए। इसमें एक मंडप और 35 फुट ऊंचा शिखर जोड़ा जाए। मंदिर में पहले की तरह 5 प्रवेश द्वार रखने और अष्टकोणीय आकृति बरकरार रखने पर भी चर्चा हुई। यह तय किया गया कि पुराने मॉडल के अनुरूप ही रामलला की मूर्ति को मंदिर के सबसे निचले तल में ही स्थापित किया जाए। 

अब नृपेंद्र मिश्र भवन निर्माण समिति से जुड़े विशेषज्ञों से मंदिर को और भव्य बनाने पर चर्चा करेंगे। हालांकि विहिप को लगता है कि निर्माण पुराने मॉडल पर ही किया जाए क्योंकि इस वक्त परिवर्तन से निर्माण में देरी होगी। 1987 में वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा ने विहिप प्रमुख अशोक सिंघल के आग्रह पर मंदिर का प्रस्तावित मॉडल तैयार किया था।

राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास नहीं अब सीधे भूमि पूजन होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा है कि मंदिर का शिलान्यास 1992 में हो चुका है। ऐसे में बार-बार शिलान्यास नहीं हो सकता। इसलिए ट्रस्ट ने बृहस्पतिवार को पीएम नरेंद्र मोदी को शिलान्यास का न्योता दिया है।

पीएम से मुलाकात के एक दिन बाद शुक्रवार को महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा, ट्रस्ट अब भूमि पूजन की तिथि पर मंथन कर रहा है। इसके मुहूर्त पर पीएम से आने का अनुरोध किया गया है। पीएम ने इसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, हमने सरकार से जल्द से जल्द मंदिर निर्माण शुरू कर जन आकांक्षाओं को पूरा करने की मदद मांगी है। पीएम ने भी विशाल और भव्य मंदिर का निर्माण जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया। 


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