Poetry for Boyfriend (तुझपे आज भी मरते हैं हम)

माना की दूर हो 
पर एहसास है तेरे पास होने का,
काटा  है महीना काट लेंगे महीनो 
पर भूलना नहीं,तुझपे आज भी मरते हैं हम
तुम्हारी होठों की गर्मी,
तुम्हारे हाथों की नरमी 
को आज भी पहचानते हैं हम,
ऐ जान,तुझपे आज भी मरते हैं हम 
फुर्सत मिले तो मुड़ना कभी,
मिलेंगी निशानियां 
मेरी इश्क़ की हर मोड़ पर,
जिन्हे महफूज़ रखा 
तुम्हारी भूली हुयी गलियों ने
मेरा दावा है रुबरू होते ही 
आँखें तेरी भी गीली होंगी, 
शायद तुझे एहसास हो  
तुझपे आज भी मरते हैं हम
तुझपे आज भी मरते हैं हम

– Messy Mess

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