Ranji Trophy 2020: Bengal Face Uphill Task To Make First Final In 13 Years Vs Karnataka – Ranji Trophy 2020: 13 साल बाद फाइनल में पहुंच सकता है बंगाल, सामने कर्नाटक की मजबूत टीम

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 28 Feb 2020 10:48 PM IST

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बंगाल को रणजी ट्रॉफी के फाइनल में 13 साल बाद पहुंचने के लिए शनिवार से यहां खेले जाने वाले सेमीफाइनल में कर्नाटक की चुनौती से पार पाना होगा। कर्नाटक की टीम में भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और मध्य क्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे की वापसी से मजबूत हुई है।

बंगाल की टीम पिछली बार 1989-90 सत्र में रणजी चैम्पियन बनी थी जो पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का प्रथम श्रेणी में पदार्पण सत्र था। टीम 2006-07 में दीप दासगुप्ता की कप्तानी में आखिरी बार फाइनल में पहुंची थी। आठ बार की चैम्पियन कर्नाटक की टीम पिछले कुछ वर्षों से निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और यह लगातार तीसरी बार है जब टीम ने अंतिम चार में जगह पक्की की है।

कोच अरुण लाल की निगरानी में बंगाल ने सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम अगले कुछ दिनों तक घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाना चाहेगी। टीम ने राजस्थान और पंजाब के खिलाफ लगातार दो मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की।

अंतिम आठ मुकाबले में बंगाल ने ओडिशा के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। पूर्व कप्तान मनोज तिवारी के अलावा अनुस्तुम मजूमदार, विकेटकीपर श्रीवत्स गोस्वामी और नए हरफनमौला खिलाड़ी शाहबाज अहमद शानदार लय में है।

कर्नाटक की टीम भी राहुल और पांडे के आने से मजबूत हुई। कप्तान करुण नायर के अलावा 19 साल के देवदत्त पाडिक्कल शानदार लय में है। पाडिक्कल मौजूदा सत्र में 1000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। टीम ने क्वार्टर फाइनल में जम्मू कश्मीर को हराया था।

बंगाल को रणजी ट्रॉफी के फाइनल में 13 साल बाद पहुंचने के लिए शनिवार से यहां खेले जाने वाले सेमीफाइनल में कर्नाटक की चुनौती से पार पाना होगा। कर्नाटक की टीम में भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल और मध्य क्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे की वापसी से मजबूत हुई है।

बंगाल की टीम पिछली बार 1989-90 सत्र में रणजी चैम्पियन बनी थी जो पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का प्रथम श्रेणी में पदार्पण सत्र था। टीम 2006-07 में दीप दासगुप्ता की कप्तानी में आखिरी बार फाइनल में पहुंची थी। आठ बार की चैम्पियन कर्नाटक की टीम पिछले कुछ वर्षों से निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रही है और यह लगातार तीसरी बार है जब टीम ने अंतिम चार में जगह पक्की की है।

कोच अरुण लाल की निगरानी में बंगाल ने सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम अगले कुछ दिनों तक घरेलू परिस्थितियों का लाभ उठाना चाहेगी। टीम ने राजस्थान और पंजाब के खिलाफ लगातार दो मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की।

अंतिम आठ मुकाबले में बंगाल ने ओडिशा के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। पूर्व कप्तान मनोज तिवारी के अलावा अनुस्तुम मजूमदार, विकेटकीपर श्रीवत्स गोस्वामी और नए हरफनमौला खिलाड़ी शाहबाज अहमद शानदार लय में है।

कर्नाटक की टीम भी राहुल और पांडे के आने से मजबूत हुई। कप्तान करुण नायर के अलावा 19 साल के देवदत्त पाडिक्कल शानदार लय में है। पाडिक्कल मौजूदा सत्र में 1000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। टीम ने क्वार्टर फाइनल में जम्मू कश्मीर को हराया था।




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