Tech auto News In Hindi : Toyota and Honda recall over 60 lakh vehicles due to glitches in air bag | टोयोटा और होंडा ने 61 लाख गाड़ियां वापस बुलाईं, दुर्घटना में एयरबैग के न खुलने की थी आशंका

  • टोयोटा ने दुनियाभर से 34 लाख गाड़ियां रिकॉल कीं, होंडा ने 24 लाख कार वापस बुलाने का फैसला लिया
  • भारत में अभी बिक रही इन कंपनियों की गाड़ियां रिकॉल की लिस्ट में शामिल नहीं

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2020, 10:00 AM IST

ऑटो डेस्क. जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा और होंडा ने दुनियाभर से 60 लाख कार को रिकॉल करने का फैसला किया है। इन कारों में एयरबैग से जुड़ी अलग-अलग तरह की खामी मौजूद है और इससे गाड़ी में सवार लोगों की जान को खतरा होने की आशंका थी। टोयोटा ने दुनियाभर से 34 लाख कार रिकॉल करने का फैसला किया। इनमें से 29 लाख गाड़ियां अमेरिका से रिकॉल की जा रही हैं। टोयोटा की गाड़ियों में साल 2011 से 2019 तक बिकी कोरोला गाड़ी के कुछ मॉडल, 2011 से 2013 तक बिकी मैट्रिक्स, 2012 से 2018 तक बिकी एवलॉन और 2013 से 2018 तक बिकी एवलॉन हाइब्रिड कारें शामिल हैं। टोयोटा की गाड़ियों में जेडएफ-टीआरडब्ल्यू द्वारा बनाए गए एयरबैग लगे हैं। इसके इलेक्ट्रिकल इंटरफेस में खामी है। इस खामी की वजह से दुर्घटना होने पर एयरबैग या तो पूरी तरह नहीं खुलेंगे या बिल्कुल ही नहीं खुलेंगे।

रिकॉल की गईं ज्यादातर गाड़ियां अमेरिका में चल रही थीं, फेल हो रहे एयरबैग

होंडा ने अमेरिका और कनाडा से 27 लाख गाड़ियां बुलाईं, इनमें ज्यादातर सेडान कारें शामिल हैं
होंडा मोटर्स ने अमेरिका और कनाडा के बाजार से 27 लाख गाड़ियां रिकॉल की हैं। इनमें टकाटा एयरबैग इन्फ्लेटर लगे थे। हालांकि, यह एयरबैग का वह मॉडल नहीं है जिनमें खामी की वजह से दुनियाभर में हुए अलग-अलग हादसों में 25 लोगों की मौत हुई थी। होंडा और टोयोटा दोनों ने ही 21 जनवरी को डिफेक्टेड एयरबैग वाली गाड़ियों को रिकॉल करने का फैसला किया। रिकॉल होंडा गाड़ियों में 1998-2000 की एकॉर्ड कोप और सेडान, 1996-2000 की सिविक कोप और सेडान, 1997-2001 की सीआरवी1, 1998-2001 की ओडिसी और 1997-1998 की ईवी प्लस शामिल हैं।

ह्युंडई, किया और फिएट पहले ही गाड़ियां रिकॉल कर चुकी हैं, 1.23 करोड़ कारें जांच के घेरे में
एयरबैग में खामी की वजह से ह्युंडई, किया और फिएट क्रिसलर पहले ही गाड़ियां रिकॉल कर चुकी हैं। एयरबैग न खुलने के कथित मामलों में चार मौत ह्युंडई-किया वाहनों के और तीन मौत फिएट क्रिसलर गाड़ियों के एक्सीडेंट में हुई थी। 2017 के मार्च में अमेरिका की नेशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने जेडएफ-टीआरडब्ल्यू एयरबैग की जांच शुरू कर दी थी। पिछले साल अप्रैल में जांच का दायरा बढ़ाकर 1.23 करोड़ गाड़ियों तक कर दिया गया था। इनमें अलग-अलग कंपनियों की 2010 से 2019 तक बनी कुछ गाड़ियों के मॉडल शामिल थे।

होंडा ने कहा- जोखिम काफी कम फिर भी रिस्क नहीं लेंगे
इस बारे में होंडा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एयरबैग के परफॉर्म न करने का खतरा काफी कम है। इसके बावजूद कंपनी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। लिहाजा खास मॉडल वाले एयरबैग जिन गाड़ियों में लगी हैं उन्हें रिकॉल किया जा रहा है। कार मालिकों को इस बारे में मार्च के मध्य में नोटिफाई किया जाएगा। हालांकि, यह खबर भी आ रही है कि रिप्लेसमेंट पार्ट्स एक साल तक उपलब्ध नहीं होंगे।


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