Tonight Is Important From The Point Of View Of Security, Delhi Under High Security – दिल्ली: चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, सुरक्षा की दृष्टि से आज की रात बेहद अहम 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के पहले ही दिन पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा फैल गई। नागरिकता कानून के विरोध में अब तक अहिंसक चल रहे आंदोलन के बीच सोमवार को हुई हिंसा में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई जबकि लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। सुरक्षा बलों को आशंका है कि शरारती तत्व एक बार फिर से हिंसा को भड़काने की साजिश कर सकते हैं।

इस आशंका के मद्देनजर जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जाफराबाद जाने वाले मुख्य मार्गों को बंद कर दिया गया है। मौके पर दिल्ली पुलिस के आलाधिकारी, पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।
 
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक सोमवार की हिंसा को पूरी तरह सोच-समझकर अंजाम दिया गया है। अब तक शांतिपूर्ण रहे प्रदर्शन को निहित स्वार्थों के कारण भड़काने की साजिश की गई है। यही कारण है कि पूर्वी दिल्ली के अनेक इलाकों में अचानक हिंसा भड़क उठी। लगभग इसी समय शाहीन बाग के इलाके में भी उपद्रव किया गया। दुकानें जलाई गईं और कई जगहों पर लूटपाट की गई।

जानकारी के मुताबिक सुरक्षा की दृष्टि से अगले दो दिन बेहद अहम हो सकते हैं। इसे देखते हुए संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
 
कैमरों में दिखी तस्वीर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक उपद्रवियों की अनेक जगहों पर सीसीटीवी कैमरों में वीडियो-फोटो आ गई है। पत्थरबाजी करने वालों की भी कई तस्वीरें सोशल मीडिया तक में सामने आ गई हैं। ऐसे में उपद्रवियों का बचना मुश्किल है और सभी पकड़े जाएंगे। पुलिस इसके लिए स्थानीय लोगों का भी सहयोग लेगी।  
 
आप विधायकों ने पहुंचकर लोगों को समझाया

आम आदमी पार्टी के विधायक अमान्तुलाह खान और अब्दुल रहमान लगभग 5:30 पर जाफराबाद पहुंचे। उनके साथ उनके समर्थकों की भारी भीड़ थी। प्रदर्शनकारी महिलाओं तक पहुंचकर विधायकों ने सबसे शांति बनाए रखने की अपील की। 

अमान्तुलाह खां ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका अधिकार है और वे इसे जारी रखें। उन्होंने कहा कि यह किसी की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, यह हिन्दुस्तान को बचाने की लड़ाई है जिसे हर हालत में जारी रखा जाना चाहिए। बाद में मीडिया से बात करते हुए आप विधायक ने कहा कि यह शांतिपूर्ण आन्दोलन को बदनाम करने की साजिश है।
 
हिंसा से कमजोर होगी लड़ाई

जाफराबाद में हिंसा की खबर पाकर स्वराज अभियान पार्टी के नेता योगेंद्र यादव घटना स्थल पर पहुंचे। उनके साथ प्रोफेसर अपूर्वानंद शास्त्री भी थे। दोनों ही लोगों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे बैठी महिलाओं से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की बात कही। 

योगेंद्र यादव ने अमर उजाला से कहा कि किसी भी तरह की हिंसा से इस बड़े आंदोलन को चोट पहुंच सकती है। यह सरकार और पुलिस को बलप्रयोग का बहाना दे सकता है। इससे बचने की कोशिश की जानी चाहिए।
 
उन्होंने प्रदर्शनकारी महिलाओं से सड़क का रास्ता छोड़ पुरानी जगह पर ही शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने की अपील की, लेकिन प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। महिलाओं के इनकार के बाद दोनों नेता वापस लौट आए।
 
यहां सड़कों से हटाए गए प्रदर्शनकारी

खुरेजी इलाके में 13 जनवरी से ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है। रविवार को अचानक प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर कब्जा कर लिया और उस मार्ग से आवाजाही बंद हो गई। लेकिन सोमवार को जाफराबाद, गोकलपुर और मौजपुर के इलाकों में फैली हिंसा के बाद खुरेजी में प्रदर्शनकारी सड़कों से हट गये। उन्होंने न सिर्फ रास्ता खोल दिया, बल्कि खुद ही आपस में मिलकर सड़कों की सफाई भी कर दी।  




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